श्रीराम मन्दिर के लिए 81 साल की महिला ने नहीं खाया अन्न

जबलपुर की 81 वर्षीय उर्मिला चतुर्वेदी

जबलपुर निवासी महिला का नाम है उर्मिला चतुर्वेदी

अनिल शर्मा़+संजय श्रीवास्तव़+डा0 राकेश द्विवेदी

जबलपुर। साल 1992 में जब ढांचा गिरा था तब उर्मिला चतुर्वेदी 53 साल की थीं। ढांचा गिरने के बाद जब देश में दंगे हुए तो इससे आहत होकर उर्मिला ने संकल्प लिया था कि जिस दिन सबकी सहमति से श्रीराम मन्दिर निर्माण शुरू होगा उस दिन वे अन्न ग्रहण करेंगी। श्रीराम मन्दिर के निर्माण को लेकर मप्र के जबलपुर की उर्मिला चतुर्वेदी ने जो संकल्प लिया था, वह अब पूरा होने जा रहा है। 28 साल पहले विवादित ढांचा गिरने पर उन्होंने जो संकल्प लिया था। वह 5 अगस्त को श्री राम मन्दिर निर्माण के लिए जो भूमि पूजन होने जा रहा है। उसी दिन उर्मिला चतुर्वेदी का अपना संकल्प भी पूरा हो जाएगा।
1992 में जब ढांचा गिरा था तब उर्मिला चतुर्वेदी 53 साल की थीं। आज वे 81 साल की हैं। अन्न त्यागने के उनके संकल्प को लेकर उनके परिजनों ने उनसे कई बार मिन्नत की, लेकिन वे टस से मस नहीं हुईं। उन्होंने अन्न ग्रहण नहीं किया और केवल फलाहार ही कर रहीं हैं। उर्मिलाजी के घर में राम दरबार है जहां वे रोज बैठकर रामनाम का जाप भी करतीं हैं। अब जब 5 अगस्त को मन्दिर का भूमि पूजन होने जा रहा है तो उनकी इच्छा है कि वे अयोध्या में राम लला के दर्षन करके ही अपना संकल्प खोलें। हालांकि ऐसा मुमकिन होता नहीं दिख रहा है। क्योंकि 5 अगस्त को अयोध्या में किसी भी बाहरी व्यक्ति का जाना मना है। ऐसे में परिवार का कहना है कि घर पर ही कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट देखने के बाद इनका संकल्प पूरा कराने की कोषिष की जाएगी।
बाकी जीवन अयोध्या में बिताना चाहतीं हैं उर्मिला
राम का नाम जपते हुए पिछले 28 सालों से बिना अन्न के जीवन बिता रहीं उर्मिला चतुर्वेदी का कहना है कि उनका बहुत मन था कि भूमि पूजन वाले दिन वे अयोध्या जाकर राम लला के दर्षन करें। लेकिन सबने कहा कि यह मुमकिन नहीं है। क्योंकि वहां सिर्फ आमंत्रण मिलने पर ही जाया जा सकता है। उर्मिला जी का कहना है कि उनका संकल्प तो 5 अगस्त को पूरा हो ही जाएगा। उनकी बस इतनी इच्छा है। कि वे बाकी जीवन अयोध्या में बिताना चाहती हैं। उर्मिलाजी को राम चरित मानस की चैपाइयां कंठस्थ हैं। पिछले 28 साल से उनका ज्यादातर समय पूजापाठ में ही बीतता आ रहा है। उर्मिला चतुर्वेदी सुबह जल्दी पूजापाठ करने के बाद बच्चों के साथ समय बिताती हैं। उसके बाद रामायण पढ़ती हैं। वैसे तो वे अकेले दिन भर रामायण पढ़ती हैं लेकिन समय मिलने पर घर के सदस्यों को भी रामायण पढ़कर सुनातीं है।
30 वर्षों तक बढ़ी षिखा अब कटवाएंगे बढ़नेरकर
अमरावती। चांदुर बाजार तहसील के करजगांव निवासी विजय बढ़नेरकर इस 5 अगस्त को अपनी अनोखी संकल्प पूर्ति के अवसर पर अपनी 30 वर्षों तक बढ़ाई गई षिखा कटवाने जा रहे हैं। श्री बढ़नेरकर विष्व हिन्दू परिषद के जिला मंत्री भी हैं। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के बीच 30 अक्टूबर 1990 को कारसेवा के दौरान अयोध्या में कारसेवकोें पर गोलीबारी हुई थी। जिसमें कई कारसेवक शहीद हेा गए थे। इस आंदोलन से जुड़े रहे श्री बढ़नेरकर ने इस बर्बरता और अत्याचार के खिलाफ भव्य श्रीराम मन्दिर का षिलान्यास होने तक अपनी षिखा नहीं कटवाने का प्रण किया था।
अब 30 वर्ष 10 माह 26 दिन की प्रतीक्षा के उपरांत वे 5 अगस्त को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा षिलान्यास के दिन संकल्प पूर्ति के अवसर पर अपनी षिखा का उद्यापन कराने जा रहे हैं। मालूम हो कि पिछले तीन दषकों से विजय बढ़नेरकर श्रीराम जन्मभूमि अभियान के हर कार्यक्रम तथा कारसेवा में सक्रिय सहभागी रहे हैं। उनकी लंबी षिखा देखने वाला हर व्यक्ति अचंभित रह जाता है। इसका कारण समझने पर उनके दृढ़ प्रण, संकल्प और श्रीराम जन्मभूमि अभियान के प्रति समर्पण भाव और इच्छाषक्ति का कायल हो जाता है।
श्री विजय कहते हैं कि 5 अगस्त को आयोजित षिलान्यास भारतीय अस्मिता के गौरव का अवसर तो है ही, इसके अलावा हर कारसेवक तथा प्रत्येक रामभक्त के लिए संकल्प पूर्ति का क्षण भी है।

अपने घरों में ओम पताका लगाकर दिए जलाएंः ब्रह्मा खरे
उरई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर कार्यवाह श्री ब्रह्मा खरे ने सभी रामभक्तों से अनुरोध किया है कि 5 अगस्त को अयोध्या में भव्य श्रीराम मन्दिर के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा भूमि पूजन के दौरान अपने अपने घरों में केसरिया रंग की ओम पताका फहराएं तथा अपने घरों में शाम को घी के दीपक जलाकर इस शुभ अवसर पर हर्ष प्रदर्षित करें।

संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

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