संघ के जिला प्रचारक का भाजपा विधायकों पर जोरदार हमला

आरएसएस के जिला प्रचारक दीपक जी द्वारा डाली गई पोस्ट के हवाले से
दो विधायक बनाम जिला प्रचारक संघ
संघ पदाधिकारी द्वारा छोड़े गए ‘ब्रह्मस्त्र’ से भाजपा में मचा हाहाकार
दो पदाधिकारियों को पापी कहकर की जेल भिजवाने की सिफारिश
कार्यकर्ताओं की जगह दलालों का विधायक बताया गया
कुछ बड़े नेताओं पर भी साधा गया निशाना
अनिल शर्मा+संजय श्रीवास्तव+डॉ. राकेश द्विवेदी
उरई: संघ के पदाधिकारी द्वारा छोड़े गए ‘ब्रह्मास्त्र’ से भाजपा के भीतर हाहाकार मचा हुआ है। इस ‘अस्त्र’ से कई लोग घायल हो गए ! भाजपा के प्रदेश के बड़े नेताओं सहित दो विधायकों तक इसकी लपटें पहुँची हैं। जिले के राजनीतिक इतिहास में यह पहला मौका है जब संघ की ओर से भाजपा के जिम्मेदार लोगों पर खुलेआम इतना धारदार हमला किया गया। संघ पदाधिकारी की ओर से अत्यंत कठोर शब्दों का प्रयोग कर बहुत कुछ कह दिया गया। दो पदाधिकारियों को पापी बताकर उन्हें जेल भिजवाने तक की दरख्वास्त प्रदेश अध्यक्ष से कर दी गई !
‘ब्रह्मस्त्र’ वह अस्त्र है जो सिर्फ एक बार ही चलाया जा सकता है पर यह होता इतना अचूक है कि कभी खाली नहीं जाता। इसका परिणाम बहुत विध्वंशकारी होता है। ऐसी ही स्थिति इस वक्त भाजपा की है। जिले की राजनीति जब नीति और सिंद्धान्तों के विपरीत दिखी और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा बर्दाश्त न हुई तो संघ के जिला प्रचारक दीपक जी ने सोशल मीडिया पर शब्दों का यह ‘ब्रह्मास्त्र’ चला दिया। अब इसके दुष्प्रभाव से कई लोग चिंतित हैं तो कुछ उत्साहित भी। जो पोस्ट लिखी , इससे पूरी भाजपा के भीतर भूचाल आ गया है । जिला प्रचारक द्वारा लिखी यह पोस्ट हालांकि कुछ घंटे तक ही फेसबुक पर रह सकी पर इसका असर बहुत व्यापक स्तर पर दिखा। इसे पढ़कर स्वयंसेवक और पार्टी कार्यकर्ता अचंभित रह गए। फिर स्क्रीन शॉट लेकर पोस्ट को इधर से उधर दौड़ाना शुरू कर दिया गया। आक्रोश के साथ जब कानाफूसी तेज हुई तो इस पोस्ट को डिलीट करने को संघ पदाधिकारी से आग्रह किया गया। उन्होंने आग्रह मानकर पोस्ट तो डिलीट कर दी पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उसे जो असर करना था वह हो चुका था। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार संघ प्रचारक की इस नाराजगी को भांपकर भाजपा जिला अध्यक्ष युवा कार्यकर्ताओं के साथ संघ कार्यालय पहुँचे और खास बिंदुओं पर बातचीत की । सूत्रों के अनुसार प्रांत प्रचारक भी जिले के दौरे पर थे। वह संघ के कार्यकर्ता के घर शोक संवेदना प्रकट करने कुठौंद आये हुए थे। संवेदनशील मामले की जानकारी पर उनकी स्थानीय प्रचारक से बातचीत होने की बात भी कही जा रही है। दावा तो यह भी किया गया कि इसको लेकर संघ कार्यालय में एक गोपनीय बैठक भी हुई जिसमें इतने गंभीर मुद्दे पर चर्चा की गई।
फेसबुक की वॉल पर संघ पदाधिकारी द्वारा लिखी गई पोस्ट का भावार्थ यह है- भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को एड्रेस करते हुए लिखा गया कि सदर विधायक से जब एक मामले को लेकर फोन पर बात की गई तो उन्होंने विहिप जिलाध्यक्ष सहित मुझसे बहुत ही गलत भाषा में बात की। विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि वह सिर्फ वही करेंगे, जो भाजपा के जिलाध्यक्ष कहेंगे। संघ पदाधिकारी के अनुसार जब विधायक उनसे इतने बदतमीजी से बात कर सकते हैं तो फिर आम कार्यकर्ताओं से कितना कुछ नहीं कहा जाता होगा ? लिखते – लिखते जब आक्रोश बढ़ा तो उरई और माधोगढ़ विधायक को दलालों का विधायक कहकर दलाली के द्वारा जेबें भरने का आरोप लगाया गया एवम महिला नगर मंत्री के  घर में  जाकर अश्लीलता करने वाले दोनों पदाधिकारियों को पापी कहकर जेल भिजवाने की मंशा तक जाहिर कर दी। तारीफ केवल कालपी विधायक की हुई यह जरूर आश्चर्य में डालने वाला रहा। जिलाध्यक्ष रामेंद्र सिंह को भी निशाने पर रखा गया। प्रचारक ने उनको असरहीन बताया और विधायकों की हाँ में हाँ मिलाने का आरोप लगाया। अब बारी प्रदेश अध्यक्ष की थी। उनकी ओर उंगली उठाकर लिखा गया कि कई अधिकारी उनके नाम का दुरूपयोग करके भ्रष्टाचार करने में जुटे हैं। इसी सम्बन्ध में फोन पर बात करने की कई बार कोशिश की पर प्रदेशाध्यक्ष से बात नही हो सकी। जिला प्रचारक की ओर से यह कहने की भी कोशिश हुई कि वह कोई पागल नहीं । कई और बातें भी लिखी जा सकती थीं जो नही लिखी गईं। सही बात कहने से मैं नहीं डरता। दोनों विधायक पर हमला कर कहा कि वे कार्यकर्ताओं के नहीं बल्कि दलालों के विधायक हैं। उनकी गाड़ियों में कभी कोई कार्यकर्ता बैठा नहीं मिलेगा। हरवक्त दलाल ही बैठे मिलते हैं। संघ पदाधिकारी के अनुसार किसी की भी हिम्मत नहीं है कि वह मेरे सामने आकर बात कर सके।
संघ के किसी पदाधिकारी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से इतने कड़े रूप में अपनी बात कहने का यह पहला मौका है। कभी भी खुले रुप में विधायकों के लिए इतने कठोर शब्दों का इस्तेमाल होता नहीं दिखा । यह पार्टी और विधायकों दोनों के लिए चिंताजनक जरूर है। अब बात यह भी उठ रही है कि जिला प्रचारक ने सोशल मीडिया का सहारा क्यों लिया ? यदि कोई बात थी तो उन्हें उसे उपयुक्त जगह पर कहनी चाहिए थी। पार्टी की अंदरूनी बातों को सामने लाकर पद की गरिमा का ख्याल भी नहीं रखा गया! फिलहाल अब पार्टी में हाहाकार की स्थिति है। जिला प्रचारक के साथ उचित सम्मान के साथ विधायक द्वारा बात न करने को लेकर तमाम स्वयं सेवक भी खफा बताए जाते हैं । उनके सम्मान को लेकर आंदोलित होने तक की बातें उठ रही हैं।
सम्पूर्ण मुद्दे पर यदि गौर किया जाए तो यह साबित होता है कि पिछले कुछ वर्षों से जिस प्रकार से भाजपा के भीतर माहौल है, उसमें आम कार्यकर्ता हतोत्साहित दिखता है। पानी जब सिर के ऊपर से बहता दिखा तो जिला प्रचारक ने ऐसा कदम उठाया लिया , जिससे की प्रदेश तक का ध्यान इस ओर खींचा जा सके। लिखी गई बात का नतीजा किस रूप में सामने आएगा ? फिलहाल अपने असम्मान और पार्टी में जारी अवसर वादी मनमानी से जिला प्रचारक बेहद छुब्ध दिखे। अब शीर्ष कमान कैसे इस स्थिति को संभालेगा यह भविष्य में तय होगा !
संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.
सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126