सपा ने घोषित किये ब्लॉक और नगर अध्यक्ष , ब्राह्मणों से रखी गई दूरी

बसपा के कैडर वोट पर पहली बार गई नजर
राजनीति में ब्राह्मण नहीं लगा भरोसेमंद इसलिए कोई जिम्मेदारी नहीं मिली
मुस्लिमों, पिछड़ों के साथ क्षत्रियों का हुआ समायोजन
अनिल शर्मा + संजय श्रीवास्तव+डॉ . राकेश द्विवेदी
उरई। समाजवादी पार्टी ने आज अपने नगर और ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा कर दी। इसमें पिछड़े और मुस्लिमों के समायोजन में खासा ध्यान रखने के अलावा क्षत्रियों की ओर भी कदम बढ़ाया है पर पार्टी ने ब्राह्मणों से दूरी बना ली। इसमें किसी भी ब्राह्मण को मौका नहीं मिल पाया।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष नवाब सिंह यादव ने अपने अनुभव और विवेक के आधार पर भविष्य का ख्याल रखते हुए अध्यक्ष घोषित किये हैं। वैसे इस वक्त ब्राह्मण वर्ग सत्ता पक्ष से असंतुष्ट बताया जाता है। जातीय अलम्बरदारों की ओर से इस तरह के बयान भी सामने आते रहते हैं जिसमें खिन्नता जताई जाती है कि इस वक्त भाजपा में सबसे ज्यादा अपमान ब्राह्मणों का ही हो रहा है। खासतौर पर ठाकुरों के प्रति नजर ए इनायत रखी जा रही है। इशारा तो यहां तक कर दिया जाता है कि अब जहां महत्व मिलेगा , उस दल का सहयोग करने को यह समुदाय आगे बढ़ेगा। फिर भी उनके इस तरह के जातीय तर्क अनुभवी राजनीतिज्ञ नवाब सिंह को प्रभावित नहीं करब सके। उन्होंने जो टीम चुनी है उसमें किसी ब्राह्मण को इस काबिल नहीं समझा गया कि वह जिम्मेदारी संभाल सके।
कदौरा ब्लाक अध्यक्ष राम सिंह चतेला,महेवा- रामसुमिरन सिंह खांखरी,कुठौंदा-भूरे सिंह यादव,रामपुरा-अरविंद दोहरे, माधौगढ़ -रामकुमार प्रजापति,नदीगांव- भरतलाल पाल,कोंच- आत्मप्रकाश भदौरिया, जालौन- कृपाल सिंह गुर्जर और डकोर ब्लॉक का अध्यक्ष मदन सिंह यादव को बनाया गया है।
जबकि नगर अध्यक्षों में कालपी नगर अजमत खान,कदौरा नगर इश्तियाक अली, रामपुरा नगर -हरीशंकर पाल, माधौगढ़ नगर- नाथूराम कुशवाहा,ऊमरी नगर- राजू सेंगर,नदीगांव नगर – हेमंत कुमार यादव,कोंच- छोटू टाइगर,उरई नगर – वेदप्रकाश यादव,जालौन नगर- सोनू मंसूरी और कोटरा नगर का अध्यक्ष विश्वनाथ सिंह को बनाया गया है। ये नाम सामने आने के बाद सपा की रणनीति का पता चलता है कि वह बसपा के कैडर वोट की ओर भी अब आशावान है तभी रामपुरा में अरविंद दोहरे के हाथों कमान सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त सेंगर ठाकुरों पर भी डोरे डालने का प्रयास है। ब्राह्मण भरोसे लायक नहीं लगा लिहाजा उससे दूरी बनाए रखी गई है।