सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के पूर्व प्रबंधक के विरुद्ध विद्या भारती के निरीक्षक ने लिखाया गबन का मुकदमा

पूर्व अध्यक्ष डॉ. संतोष अग्रवाल बोले किसी भी तरह विद्यालय में वो लोग कब्जा करना चाहते हैं
स्वर्गीय बलराम गुप्ता नन्ना, स्वर्गीय सुभाष चंद्र शर्मा एवम स्वर्गीय महादेव दास बाबानी की त्याग तपस्या से बना है ये विद्यालय
संघ के दो गुटों की सड़क पर आई लड़ाई से खूब थू-थू हो रही है
अनिल शर्मा+संजय श्रीवास्तव+डॉ. राकेश द्विवेदी
उरई(जालौन): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुसांगिक संगठन विद्या भारती से सम्बद्ध तथा सदाचार शिक्षा समिति द्वारा संचालित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज जो जनपद मुख्यालय उरई के झाँसी रोड पर स्थित है की पूर्व एवम नई प्रबंध समिति के बीच घमासान सड़क पर आ गया है। जिसको देखकर संघ के और भाजपा से जुड़े हुए कार्यकर्ता जहां शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं। वहीं यह लड़ाई सड़क पर आ जाने से तममा लीग थू-थू कर रहे हैं।
मालूम हो कि विद्या भारती के प्रदेश निरीक्षक आत्मा नंद ने बीती रात कोतवाली उरई में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की पूर्व प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. संतोष अग्रवाल और तीन अन्य नफ़र के विरुद्ध आईपीसी की धारा 406 के तहत गबन का मुकदमा दर्ज कराया है। जिससे पूर्व प्रबंध समिति के पदाधिकारियों जो निष्ठावान संघ के स्वयंसेवक हैं। उनमें गहरी उदासी और मायूसी छा गयी है। पूर्व अध्यक्ष डॉ. संतोष अग्रवाल का कहना है कि एक साजिश के तहत ये मुकदमा दर्ज करवाया गया है। जबकि असली मकसद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज पर कब्जा करना है।
मालूम हो कि उरई शहर और जिला इस बात का गवाह है कि सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रबंध समिति के संस्थापक सदस्य तथा पूर्व प्रबंधक व अध्यक्ष रह चुके बलराम गुप्ता नन्ना(अब स्वर्गीय) तथा संस्थापक सदस्य सुभाष चंद्र शर्मा(अब स्वर्गीय) जो प्रबंधक और अध्यक्ष रह चुके हैं। इसी तरह संस्थापक सदस्य व अध्यक्ष रह चुके महादेव दास बाबानी (अब स्वर्गीय) ने कितनी त्याग और तपस्या के साथ इस सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के भवन का घंटो धूप में खड़े होकर निर्माण कराया था। इस तरह से इन महान लोगों ने विद्यालय को संचालित किया था कि इस विद्यालय में एडमीशन लेने के लिए छात्रों और अभिभावकों की लाइन लगती थी। उनके समय इस विद्यालय में छात्र संख्या 1500 हुआ करती थी। पूर्व प्रबंध समिति के जमाने मे विद्यालय में छात्रावास का निर्माण हुआ और छात्रावास में कक्षा 6 से 12 तक के लगभग 150 छात्र रहा करते थे। लेकिन कोरोना काल मे विद्यालय बन्द हो जाने के कारण इस संख्या में खासी कमी आयी है। चाहें पूर्व प्रबंध समिति के पदाधिकारी या सदस्य रहे हों या नई तदर्थ प्रबंध समिति के पदाधिकारी और सदस्य हों दोनो ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निष्ठावान स्वयंसेवक हैं। वे संघ के प्रत्येक कार्यक्रम से लेकर गुरुदक्षिणा कार्यक्रम तक मे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इसके अलावा भाजपा के प्रत्याशियों को चुनाव में जिताने के लिए पूरा जोर लगाते हैं। लेकिन एक ही विचारधारा के निष्ठावान लोगों के बीच सत्ता के अहंकार के चलते विद्यालय प्रबंध समिति यह लड़ाई संघ के दो गुटों की लड़ाई बनकर सड़क पर आ गयी है। जिसे देखकर लोग खूब थू-थू कर रहे हैं। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 5 नवंबर 2019 को प्रबंध समिति की बैठक में प्रबंधक अशोक हरकौती और अध्यक्ष डॉ. संतोष अग्रवाल ने अपने पदों से स्तीफा दे दिया था। उनके स्थान पर सर्व सम्मति से प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष शरद शर्मा को तथा उपप्रबंधक अरविंद गौतम चच्चू को प्रबंधक बना दिया था। 14 दिसंबर 2019 को DIOS ने इस प्रबंध समिति को मान्यता प्रदान करते हुए आहरण, वितरण का अधिकार दे दिया था। इसके बाद 8 जनवरी 2020 को विद्या भारती ने विद्यालय की प्रबंध समिति को भंग कर नई तदर्थ समिति गठित कर दी थी। जिसमे विद्यालय प्रबंध समिति का अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल को तथा प्रबंधक दिनेश चतुर्वेदी को बना दिया। इसके बाद 19 फरवरी 2020 को DIOS ने विद्या भारती द्वारा घोषित इस सदस्य समिति को मान्यता दे दी। इसके विरोध में पुरानी प्रबंध समिति के अध्यक्ष शरद शर्मा और प्रबंधक अरविंद गौतम चच्चू ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक रिट दायर की। रिट संख्या 6330/2020 है। 14 फरवरी 2020 को इलहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने DIOS के आदेश दिनांक 19 फरवरी 2020 को निरस्त कर और सदस्य समिति की मान्यता नहीं दी। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति ने संयुक्त शिक्षा निदेशक मंडल झाँसी को यह निर्देशित करते हुए अग्रसारित कर दिया कि वो इस मामले में दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी बात सुनकर निर्णय दें। इसके बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक संजय यादव ने विद्या भारती द्वारा घोषित सदस्य समिति को मान्यता दे दी। इसके बाद विद्या भारती के प्रदेश निरीक्षक आत्मानंद ने कोतवाली उरई में बीती रात पूर्व प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. संतोष अग्रवाल और तीन नफ़र के विरुद्ध IPC की धारा 406 के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया। लेकिन वर्तमान और पूर्व दोनो ही प्रबंध समितियां संघ के स्वयंसेवक होने के कारण जब इन दोनों गुटों की लड़ाई सड़क पर आ गयी। तो समाज के विभिन्न वर्गों के लोग इस लड़ाई का मजाक बना रहे हैं और तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं।
संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.
सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126