सीओ सिटी के नेतृत्व में सेक्स रैकेट पकड़कर छुपा लेने के मामले की गोपनीय जांच कराकर कार्यवाही करेंगे कमिश्नर…

कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा।

28 अगस्त की शाम सीओ संतोष सिंह और महिला थाना प्रभारी नीलेश कुमारी द्वारा सेक्स रैकेट को पकड़कर छोड़ देने के प्रकरण पर कमिश्नर हुए गंभीर

जनपद के तीन दिवसीय दौरे के दौरान मंडलायुक्त को मिली थी शिकायत

‘यंग भारत’ से बातचीत में उन्होंने कहा कि ऐसा कृत्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को बक्शा नहीं जाएगा

पुलिस ने जब छापा मारा तब कॉल गर्ल बिना कपड़ों के डांस कर रहीं थीं और उनके ग्राहक शराब के नशे में झूम रहे थे ऐसी हैं चर्चाएं

उरई(जालौन): बीती 28 अगस्त की शाम शहर में तब तहलका मच गया था। जब प्रत्यक्षदर्शियों के द्वारा बताया गया कि कोंच रोड पर एक मकान से तीन कॉल गर्ल और उनके दो ग्राहक सीओ सिटी और महिला थाना प्रभारी ने दल बल के साथ छापा मारकर पकड़ लिए हैं। किंतु इसके बाद जब कोई कार्यवाही संज्ञान में नहीं आई और सभी को गोपनीय स्थान पर ले जाकर छोड़ देने का आरोप पुलिस दल पर लगा। तो शहर वासियों ने कदाचरण के मामले में पुलिस अधिकारियों के लिप्त हो जाने को लेकर दांतों तले उंगलियां दबा लीं।

गंदे काम मे लिप्त उक्त आरोपियों को छोड़ देने की बात शहर के शरीफ लोगों को बहुत बुरी लगी। और तेज तर्रार कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा को लोगों ने पुलिस अधिकारियों के इस अपराध उत्प्रेरक और समाज को गंदा करने वाले कृत्य से अवगत कराया, तो उनकी ब्रकुटी टेड़ी हो गयी। साफ सुथरे ईमानदार आईएएस अफसर को लोगों ने यह भी बताया कि सीओ सिटी संतोष सिंह को इस पद पर तीन वर्ष से अधिक का समय व्यतीत हो चुका है। मगर वे अभी तक रिलीव नहीं हुए हैं और अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही आरोपों से घिरे रहे हैं। सीओ सिटी द्वारा विवेचनाओं से अभियुक्तों को निकालने, फाइनल रिपोर्ट और चार्ज शीट लगाने के काम मे भारी लाभ कमाने। तथा प्रोपर्टी विवादों में एक पक्षीय रवैय्या अख्तियार करके अधिकार न होते हुए भी धन लाभ के लिए एक पक्ष को फायदा पहुचाने के साथ-साथ जनपद के बालू घाटों से होने वाले अवैध खनन को हिस्सेदारी के आधार पर संरक्षण प्रदान करने के साथ-साथ अपने सर्किल में सट्टा संचालकों तथा जुआ के फड़ संचालित करने वालों तथा नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री करने वाले धंधे बाजों को अभय दान देने, उच्च अधिकारियों को गुमराह करने के साथ-साथ अनेकों आरोप हैं। इनके विरुद्ध कई तथ्य पूर्ण शिकायतें पूर्व में की जा चुकी हैं। किंतु अपने विरुद्ध उठने वाले मामले के मैनेजमेंट में विशेषज्ञता रखने के कारण ये सीओ सिटी जैसे महत्वपूर्ण पद पर तीन वर्ष तक जमे रहने के बाद ट्रांसफर हो जाने के बावजूद अभी तक रिलीव नहीं हुए हैं। तथा जाते-जाते अपने अधिकारों का दुरुपयोग करके वर्दी को लज्जित करते हुए। एक-एक पल का धन लाभ उठाने में जुटे हैं। और दोनों हाथों ‘आंधी के आमों’ की तरह आर्थिक लाभ बटोर रहे हैं। कहना न होगा कि अपराधों को रोकने के नाम पर यह राज पत्रित अधिकारी अपराधियों का संरक्षण करके लक्ष्मी का बहुत बड़ा पुजारी बना हुआ है।

उक्त गंभीर आरोप और सेक्स रैकेट पकड़कर छोड़ने की ताजा घटना की जानकारी मिलने पर सीओ सिटी के साथ साथ महिला थाना प्रभारी नीलेश कुमारी भी अब कमिश्नर महोदय के निशाने पर हैं। चूंकि वे आईएएस कैडर के प्रतिष्ठित और बेदाग अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। अतः उन्होंने इस घटना की गोपनीय जांच कराकर अपने स्तर से कार्यवाही करने तथा शासन को भी लिखने की बात कही है। यंग भारत से हुई बातचीत में मंडलायुक्त ने जांच कर कार्यवाही कराने और दण्डित कराने की जानकारी दी।

संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126