सुंदरीकरण के नाम पर छलावा बना फुब्बारा

कुछ सालों पहले कराया था निर्माण, चंद दिन भी नही दिखी रौनक

उरई(जालौन):धन की बर्बादी में सरकारी अमले कितने अग्रसर है इसकी बानगी यहां रेलवे स्टेसन परिसर में लाखों रूपये खर्च कर बनबाये गये फुब्बारें की हालत को देखकर मिल जाती है जो निर्माण से लेकर अब तक बामुस्किल चंद दिन भी अपनी सार्थकता पर खरा नही उतर सका है। मौजूदा हालत यह है कि बदहाल अवस्था पडा फुब्बारा विभागीय अनदेखी की कहानी बयां कर रहा है।
लगभग दस वर्स पूर्व रेलवे स्टेसन के सुंदरीकरण के तहत कार्ययोजनाओं को प्रारंभ किया गया जिसके तहत विभाग ने रेलवे स्टेसन परिसर के बाहर फुब्बारें का निर्माण कराया उक्त फुब्बारें में लाइटिंग आदि का भी प्रबंध कराया गया ताकि रात्रि के समय यह स्टेसन परिसर के सौन्र्दय को बढा सके किन्तु हैरत की बात यह रही कि निर्माण के बाद चंद दिन ही उक्त फुब्बारें को संचालित कराया जा सका उसके बाद विभागीय जिम्मेदारों ने उसके रखरखाव और संचालन की ओर गौर करना मुनासिब नही समझा नतीजतन कुछ ही समय में उक्त फुब्बारा उपेक्षा के चलते धन की बर्बादी का नमूना बनकर रह गया गौर तलब हो कि झांसी मंडल के माडल स्टेसनों की सूची में उरई स्टेसन को भी सामिल किया गया है जिसके तहत अब तक सुंदरी करण के कई कार्य कराये गये है जिनमें उक्त फुब्बारा भी उसी की एक कडी था कुल मिलाकर देखा जाये तो माडल स्टेसन की पहल पर जब इस तरह से धब्बा लग सकता है तो आगे भी ऐसा न हो कैसे उम्मींद की जा सकती है।
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