सैनिटाइजेशन मशीनें बनाकर दो छात्रों ने बढ़ाया जिले का गौरव

जिलाधिकारी डॉ. मन्नान अख्तर को गिफ्ट करने की रखता है इच्छा

उरई (जालौन)। प्रतिभा किसी की भी मोहताज नहीं होतीं। उनकी उड़ान को कोई रोक नहीं सकता, यही वजह है कि मुल्क़ में ऐसे लोगों की कमी नहीं है जिन्होंने तरह तरह के आविष्कार किये, बस उन्हें तराशने वाला चाहिए। सरकारें भी ऐसी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका देती रहती हैं।

नगर उरई के मोहल्ला तिलक नगर निवासी, छात्रअतीक खान ऐसा ही एक कारनामा करके नगर में चर्चा का बिषय बने हुए हैं, अतीक खान ने स्कूल बंद होने का सदुपयोग किया। तथा अपने मित्र क़ासिम की सहायता से कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिये सेनेटाइजर मशीन ही बना डाली। युवा वैज्ञानिक अतीक ने कड़ी मेहनत करके इस मशीन को 1 महीने के अंदर ही बना डाला।
अतीक ने बताया कि उसने इस मशीन को बनाने में बहुत मेहनत की तथा अतीक के मित्र क़ासिम ने भी इस मशीन को बनाने में उनका पूरा साथ दिया। 15 हज़ार रुपए के खर्चे पर तैयार इस सेनेटाइजर मशीन में एक व्यक्ति इसके अंदर खड़ा हो जाता है, मशीन तुरन्त उसे सेनेटाइज़ कर देती है। युवा वैज्ञानिक अतीक ने यह भी बताया कि उसकी इस कार्यकुशलता के पीछे उसके माता, पिता का पूरा सहयोग रहा।
इस मशीन को देखने के लिये दूर दूर से लोग आ रहे हैं और छात्र अतीक खान की प्रतिभा की ख़ूब प्रसंसा भी कर रहे हैं, जो लोग भी इस सेनिटाइज़र मशीन को देखने आ रहे हैं उन्हें भी मशीन द्वारा सेनेटाइज़ किया जा रहा है, तथा सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा पालन किया जा रहा है, छात्र अतीक अपने द्वारा बनाई गयी इस सेनिटाइज़र मशीन को अपनी ओर से जालौन जिलाधिकारी डॉ0 मन्नान अख़्तर को उपहार स्वरुप देना चाहता हैं, ताकि इस सेनिटाइज़र मशीन को जिलाधिकारी अपनी सूज बूझ से कलेक्ट्रेट, तहसील या कोतवाली परिसर जैसे किसी प्रशासनिक कार्य स्थान पर उपयोग कर कोरोना संक्रमण को फ़ैलने से रोक सकें।

वरुण अग्रवाल ने भी बनाई सैनिटाइजेशन मशीनउरई के मोहल्ला विजय नगर निवासी वरुण अग्रवाल ने अपने मित्र सौरभ अग्रवाल के साथ मिलकर सैनिटाइजेशन मशीन बना डाली।
इस प्रकार उरई शहर के दो अलग-अलग छात्रों ने अलग-अलग तरह की दो सैनिटाइजेशन टनल बना दिये हैं। अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि जनहित में इन मशीनों के और मॉडल बनवाकर सदुपयोग करें।