हजारों आक्रोशित कांग्रेसियों ने ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया और दलबदलू विधायकों का किया तीव्र विरोध

भिण्ड, मुरैना व ग्वालियर में कांग्रेस ने किया बन्द का आवाहन

ग्वालियर के सिंधिया राजघराने के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा विरोध

पुलिस ने किया बल प्रयोग, सैकड़ों कांग्रेसियों को किया गिरफ्तार

लोकतंत्र के लिए शुभ लक्षण, जब जनता भी दलबदलुओं का करने लगे विरोध

27 विधानसभा सीटों का है उपचुनाव, यह स्थिति देख भाजपा नेता सकते में

अनिल शर्मा़+संजय श्रीवास्तव़+डा0 राकेश द्विवेदी

ग्वालियर। कल 22 अगस्त को ग्वालियर में अभूतपूर्व हुआ। ग्वालियर के इतिहास में यह पहली घटना है। जब सिंधिया राजघराने का कोई नेता आया हो। कांग्रेस के हजारों नेताओं ने दलबदल करने वाले नेताओं का पुरजोर विरोध किया हो। इस दौरान हाल में ही कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए, अब भाजपा सांसद व कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया व उनके दलबदलू विधायक साथियों का ग्वालियर में दलबदलू वापस जाओ के नारे लगाकर पुरजोर विरोध किया। हालत तब है जब मप्र सरकार के प्रतीक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, केन्द्रीय ग्राम विकास पंचायती राज और कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और मप्र के भाजपा अध्यक्ष बीडी शर्मा मौजूद थे। यानि सरकार और संगठन दोनों मौजूद थे।
कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का इतना बड़ा विरोध ग्वालियर में हैरान कर देने वाला है। मालूम हो कि ग्वालियर चंबल संभाग देश की राजनीति में बहुत चर्चित रहा है। पिछले दिनों देश में सबसे ज्यादा चर्चा में इसलिए रहा कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री तथा ग्वालियर राजघराने के श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से नाता तोड़कर अपने समर्थक 22 विधायकों के साथ भाजपा में शामिल होकर कमलनाथ की सरकार गिरवा दी थी। सिंधिया तथा उनके साथ जाने वाले 22 विधायकों में से 16 विधायक इसी ग्वालियर चंबल संभाग के हैं। क्योंकि आगामी अक्टूबर नवंबर माह में बिहार के साथ साथ मप्र की कुल 27 विधायकों की रिक्त हुई सीटों के भी उपचुनाव होने हैं। इसलिए भाजपा और कांग्रेस के लिए यह उपचुनाव प्रतिष्ठा का मामला है।
भाजपा नेतृत्व ने तय किया कि 22 अगस्त को मप्र के ग्वालियर शहर में उपचुनाव की तैयारी के लिए एक बृहद बैठक की जाए। उधर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और मप्र के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह तथा अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के साथ मिलकर ऐसी रणनीति बनाई कि उसी दिन 22 अगस्त को ही कांग्रेस की ओर से हजारों कार्यकर्ता दलबदलुओं का ग्वालियर में जोरदार ढंग से विरोध करें। कांग्रेसी नेताओं ने अपने इस अभियान में दलबदलुओं के खिलाफ जनता को भी जोड़ने तथा अभियान को ताकतवर बनाने के लिए 22 अगस्त को ही ग्वालियर भिण्ड मुरैना में बन्द को आवाहन किया। इसका व्यापक असर भिण्ड व मुरैना में देखने को मिला। इसके अलावा कार्यकर्ताओं की भीड़ देखकर ग्वालियर के भी तमाम बाजार बन्द हो गए थे।
लगभग सुबह 11 बजे मप्र में 27 रिक्त स्थानों तैयारी के लिए ग्वालियर पड़ाव में बुलाई गई भाजपा की तैयारी मीटिंग में शामिल होने के लिए हवाई जहाज से ज्योतिरादित्य सिंधिया, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह तथा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा जब पहुंचे तो ग्वालियर एयरपोर्ट से लेकर शहर तक सड़क के दोनों ओर हजारों कांग्रेसी नेता हाथों में झण्डा लिए दलबदलू वापस जाओ के नारे लगा रहे थे। पड़ाव के पहले पुलिस प्रषासन ने सैकड़ों बैरीकेटिंग लगा रखी थीं। लेकिन कांग्रेसी कार्यकर्ता जोष में बैरीकैटिंग लांघने की कोषिष करते रहे। इसी बीच पुलिस ने सड़कांें पर लाठियां फटकारी और हलका बल प्रयोग किया।
इसके बाद कांग्रेस के नेता और विधायक लाखन ंिसंह यादव, ग्वालियर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अशोक सिंह, राकेश यादव, विजय शर्मा सहित सैकड़ों नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। जिन्हें देर शाम छोड़ दिया गया। उधर कांग्रेसी नेताओं ने आक्रामक रणनीति बनाते हुए आज महारानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर धरना देकर मप्र के होने वाले विधानसभा उपचुनाव का श्रीगणेश कर दिया। बैरहाल यदि आम लोगों और बुद्धिजीवियों की बात मानें तो ग्वालियर चंबल संभाग के लोग इसे लोकतंत्र के लिए शुभ लक्षण मान रहे हैं। जिस पार्टी के लिए मतदाता ने वोट दिया है, यदि उनके वोट से चुना गया जनप्रतिनिधि दल बदलता है तो वह मतदाताओं के साथ विश्वासघात करता है। इसलिए ऐसे दलबदलू जनप्रतिनिधि का विरोध होना ही चाहिए। यदि जनता ने इसी तरह से किसी भी पार्टी को छोड़ने वाले नेता का विरोध करना जारी रखा तो दल बदलने की परंपरा पर विराम लग सकता है। कुल मिलाकर यह स्वच्छ एवं स्वस्थ लोकतंत्र के शुभ लक्षण है।
जब भाजपा नेताओं तथा कार्यकर्ता सहित ग्वालियर संभाग के कमिष्नर की भी जेब कट गई
ग्वालियर। ग्वालियर एयरपोर्ट में जैसे ही हवाई जहाज प्रदेष के मुख्यमंत्री षिवराज सिंह, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र तोमर, वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा भाजपा के प्रदेष अध्यक्ष बीडी शर्मा को लेकर आया। बाहर आते ही भीड़ ने इन नेताओं का जिंदाबाद के नारे लगाकर स्वागत किया। इस भीड़ का फायदा उठाते हुए जेबकतरों ने वीआइपी व्यवस्था में लगे ग्वालियर संभाग के कमिष्नर, भाजपा नेता मनीष राजपूत सहित लगभग 50 नेताओं की जेब साफ करदी।
जैसे ही वीआइपी का कारवां एयरपोर्ट से मीटिंग स्थल पड़ाव की ओर बढ़ा। तभी भाजपा नेता मनीष राजपूत कहने लगे कि इनकी जेब कट गई है। उनकी जेब कट गई है। कुछ देर बाद ग्वालियर संभाग के कमिष्नर ने अपनी जेब में हाथ डाला तो एकदम से बोले जेबकतरों ने उनकी जेब से भी पर्स चुरा लिया है। इसके बाद नाराज भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जब इसकी षिकायत एसपी से की तो उन्होंने वे माननीय मुख्यमंत्री और मंत्री की व्यवस्था में लगे थे। वे इसका पता कराएंगे।

संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126