73 मुकदमे धारी फरार माफिया विधायक विजय मिश्रा महाकाल के दर्शन के बाद गिरफ्तार

बेटी ने लगाई गुहार- पापा का कहीं विकास दुबे जैसा न हो जाये हाल

माफिया विधायक सीएम योगी से कर चुके हैं विद्रोह

स्वयं ही मीडिया में दे चुके बयान कि मैं भी ब्राह्मण हूँ हो सकता है मेरा एनकाउंटर

उत्तर प्रदेश का एक और बाहुबली मध्य प्रदेश में पकड़ाया है। करीब 70 आपराधिक मामलों में नामजद भदोही से निषाद पार्टी के विधायक विजय मिश्रा फरार चल रहे थे। शुक्रवार सुबह उज्जैन में महाकाल बाबा के दर्शन करने के बाद आगर-मालवा में पकड़े गए। इससे पहले यूपी का सबसे खूंखार और कुख्यात बदमाश विकास दुबे भी महाकाल के दर्शन करने के बाद पकड़ा गया था। बाद में कानपुर ले जाते समय विकास दुबे का एनकाउंटर हो गया। वहीं विधायक विजय मिश्रा ने भी अपनी एनकाउंटर की आशंका जताई है। उनका कहना है कि वे ब्राह्मण हैं, इसलिए पुलिस एनकाउंटर कर सकती है।

विजय मिश्रा ने खिलाफ गुंडा एक्ट में ताजा केस दर्ज हुआ है। इसके बाद से भदोही पुलिस को उनकी तलाश थी और इसीलिए मध्य प्रदेश पुलिस को भी अलर्ट किया गया था। वैसे अपराध से विजय मिश्रा का पुराना नाता है। वे कितने बड़े बाहुबली हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा की जबरदस्त लहर के बावजूद उन्होंने भहोदी की ज्ञानपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी को हरा दिया था।

राजनीतिक और बाहुबल का एक और उदाहरण

विजय मिश्रा एक बात का एक और उदाहरण है कि राजनीतिक और बाहुबल किस तरह एक-दूसरे के साथ चलती हैं। विजय मिश्रा चार बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने अपने सियासी सफर की शुरुआत 1990 में कांग्रेस से की थी। तब विजय मिश्रा ब्लॉक प्रमुख थे। इसके बाद समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया और 2002 में पहली बार ज्ञानपुर से विधायक बने। इसके बाद 2008 और 2012 में भी उन्हें कोई नहीं हरा पाया। 2017 में अखिलेश यादव ने टिकट नहीं दिया तो निषाद पार्टी में चले गए और जीतकर आए।

विजय मिश्रा का मायावती से था छत्तीस का आंकड़ा

विजय मिश्रा का बसपा सप्रीमो मायावती का हमेशा छत्तीस का आंकड़ा रहा। विजय मिश्रा ने 2010 में तत्कालीन बसपा सरकार में मंत्री नंद कुमार नंदी पर जानलेवा हमला करवाया था। घटना के बाद विजय मिश्रा फरार हो गए थे। फिर 2012 चुनावों से पहले कोर्ट में सरेंडर किया और जीत गए।

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