कोरोना: तीन शिफ्ट चलें तो रोजाना हो सकेगी 40 हजार संक्रमितों की जांच

अमर भारती : देश की क्वांटिटेटिव रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमरेज चेन रिएक्शन (क्यूआरटी-पीसीआर) मशीनों को पूरी क्षमता से उपयोग करें तो रोजाना 40,464 लोगों में कोरोना संक्रमण की जांच हो सकती है। आईसीएमआर के महामारी व संक्रमक रोग विभाग के वैज्ञानिकों ने स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर तेज जांच की रणनीति बनाते हुए यह दावा किया है।

साथ ही अनुमान जताया है कि सभी संसाधनों को उपयोग में लाने पर जांच क्षमता 1.20 लाख प्रतिदिन की जा सकती है।  रिपोर्ट को 15 वैज्ञानिकों और अध्ययनकर्ताओं ने तैयार किया। उन्होेंने कहा कि संक्रमण रोकने के बुनियादी उपायों में बड़े स्तर पर जांच शामिल है।

जांच में देरी होने पर संक्रमण के बड़े क्लस्टर बन सकते हैं, गंभीर बीमार रोगियों की संख्या बढ़ सकती है और इसका बोझ पूरी स्वास्थ्य सेवाओं पर आएगा। ऐसे में तात्कालिक उपाय करते हुए जांच को तेजी देनी चाहिए।