आठ साल की बच्ची ने अपने बचाए हुए पैसे लॉकडाउन प्रभावित गरीबों को दान किए

अमर भारती : कोरोना महामारी का देश में श्रमिकों और गरीबों पर बुरा प्रभाव पड़ा है। लॉकडाउन की वजह से किसी का रोजगार छीन गया है तो किसी के पास खाने के लिए अन्न नहीं है। ऐसे बुरे वक्त में एक आठ साल की बच्ची ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। पुडुचेरी की आठ साल की एक स्कूली छात्रा ने अपनी बचत के 25 हजार रुपये गरीबों को दान कर दिए हैं।

लॉकडाउन में भूख और अनाज से जूझ रहे गरीबों के लिए इस बच्ची ने लैपटॉप खरीदने के लिए रखे 25 हजार रुपये दान कर दिए। कलक्टरेट के सूत्रों के मुताबिक भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी बनने का सपना संजोने वाली दिया ने सिविल सेवाओं की परीक्षा की तैयारी के लिये लैपटॉप खरीदने के मकसद से पैसे इकट्ठे किए थे।

लेकिन वह गरीबों की दुर्दशा से हिल गयी और उसने ड्राइवर एवं कलाकार जैसे गरीबी से जूझ रहे लोगों के लिये जरूरी सामानों की खरीद के लिए अपनी बचत के पैसे का इस्तेमाल करने का निर्णय किया। अपने माता पिता की सहमति से तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली लड़की ने अपनी बचत के पैसों का इस्तेमाल गरीब वर्ग के लिये जरूरी आवश्यक वस्तुओं की खरीद में किया ।