सरकार ने तीन महीने बढ़ाई रिटर्न दाखिल करने की तारीख

अमर भारती : कोरोना की वजह से उपजी परिस्थितियों में सरकार ने कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के वार्षिंक जीएसटी रिटर्न भरने की तारीख तीन महीने आगे बढ़ा दी है। अब व्यापारी सितंबर, 2020 तक रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। जानकारों के मुताबिक देशव्यापी लॉकडाउन के कारण कारोबारियों के लिए जून के आखिर तक रिटर्न दाखिल कर पाना संभव नहीं था। ऐसे में सरकार की ओर से मिली तीन महीने की मोहलत बहुत राहत देने वाली होगी। एक अन्य राहत देते हुए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआइसी) ने देशव्यापी लॉकडाउन के पहले चरण के एलान यानी 24 मार्च से पहले जारी किए गए ई-वे बिल की वैधता बढ़ाने का निर्णय किया है।

सीबीआइसी के मुताबिक 24 मार्च से पहले जारी और ऐसे सभी ई-वे बिल जिनकी वैधता 20 मार्च से 15 अप्रैल के बीच समाप्त हो रही है, उनकी वैधता को बढ़ाकर 31 मई कर दिया गया है। इससे पहले सीबीआइसी ने वैधता को बढ़ाकर 30 अप्रैल किया था। अब लॉकडाउन 17 मई तक बढ़ जाने की वजह से वैधता को 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। सीबीआइसी ने कारोबारियों को इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (ईवीसी) के माध्यम से जीएसटी मासिक रिटर्न (जीएसटीआर-3बी) दाखिल करने की सुविधा भी दी है। मोटर वाहन कानून के दस्तावेजों की वैधता बढ़ाई गई सरकार ने एक और अहम फैसला करते हुए मोटर वाहन कानून और केंद्रीय मोटर वाहन नियमों से संबंधित दस्तावेजों की वैधता भी 30 जून तक के लिए बढ़ा दी है। ऐसे सभी दस्तावेज जिनकी वैधता पहली फरवरी से 30 जून के बीच खत्म होने वाली थी, उन सबकी वैधता 30 जून तक कर दी गई है।