IPS पर कस सकता है शिकंजा

पत्नी ने लगाए थे कई लड़कियों से अवैध संबंध के आरोप; मामला पहुंचा केंद्र सरकार के पास

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात यूपी कैडर के आईपीएस अफसर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पत्नी द्वारा कई महिलाओं से अ‌वैध संबंध होने की शिकायत किए जाने के बाद अब एक सोशल एक्टिविस्ट ने भी उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। इस विवाद के साथ ही वह यूपी कैडर के तीसरे ऐसे आईपीएस अफसर हो गए हैं, जो इस समय अवैध संबंधों के कारण गंभीर आरोपों से घिरे हैं। इससे पहले दो और आईपीएस अधिकारियों का नाम अ‌वैध संबंधों के चलते सामने आ चुका है।

वर्ष 2009 बैच के आईपीएस यूपी में कई जिलों में बतौर एसपी कार्यरत रहे हैं। वह मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले हैं। सोशल एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर ने उनके विरुद्ध उनकी पत्नी की तरफ से दी गई शिकायत के आधार पर उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही किए जाने की मांग की है। केंद्रीय गृह मंत्री को भेजी गई शिकायत में उन्होंने कहा कि आईपीएस की पत्नी द्वारा बताए गए तथ्य अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं, जिसमें आईपीएस द्वारा लंबे समय से अनैतिक आचरण किए जाने के आरोप साक्ष्य सहित प्रस्तुत किए गए हैं। यह आचरण अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली-1968 के नियम -3 के सर्वथा विपरीत है और यदि ये आरोप सही हैं तो वह इस सेवा में रहने लायक नहीं हैं। आईपीएस की पत्नी पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिख चुकी हैं। वह खुद भी केंद्र सरकार की सेवा में हैं। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग को भी इसकी प्रति भेजी है।

लखनऊ में दर्ज हो चुका है एक आईपीएस पर मुकदमा
इससे पहले यूपी कैडर के वर्ष 2011 बैच के आईपीएस डॉ. अजय पाल शर्मा और वर्ष 2010 बैच के आईपीएस वैभव कृष्ण ऐसे ही आरोपों से घिरे हुए हैं। डॉ. शर्मा के विरुद्ध उनकी कथित पत्नी ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि वैभव कृष्ण एक अश्लील वीडियो कॉल को लेकर विवादों में फंसे हैं। डॉ. शर्मा के विरुद्ध इस मुकदमे की जांच एसआईटी कर रही है, जबकि वैभव कृष्ण के विरुद्ध आरोपों की जांच लखनऊ जोन के एडीजी कर रहे हैं। डॉ.  शर्मा के विरुद्ध भ्रष्टाचार से संबंधित एक शिकायत विजिलेंस भी कर रही है। वैभव कृष्ण इसी मामले में निलंबित चल रहे हैं।

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