Lockdown in Dhar : लॉकडाउन ने रोकी शादी तो घर से भागी युवती, पुलिस बनी पंडित, पुलिस ही बाराती

अमर भारती : पुलिस का टेंट मंडप बना… दूल्हे के सिर पर न तो सेहरा है… न दुल्हन शादी के जोड़े में। सादे कपड़े हैं, सिर पर सफेद चुन्नाी डाली है। हाथों में न पति के नाम की मेहंदी रचि है और न बैंड, बाराती और न ही मंडप…पंडित की भी भूमिका में पुलिस …मंत्र नहीं गूंज रहे हैं, लेकिन पुलिस का मार्गदर्शन है…पहली नजर में कुछ भी शादी जैसा नहीं लग रहा। लेकिन जब दोनों युवक-युवती ने एक-दूसरे के गले में वरमाला डाली तो यह सादगी का माहौल शादी के खुशी में तब्दील हो गया।

सात फेरे नहीं हुए, लेकिन दोनों ने वरमाला पहनाकर ही सात जनम साथ निभाने का वादा किया। यह नजारा नौगांव थाने के पास का था। जहां पुलिस ही बाराती बनी… पुलिस ने ही पंडित और पुलिस ने ही हर जिम्मेदारी उठाई। दूल्हा बाइक पर ही बैठाकर अपनी दुल्हन को लेकर रवाना हो गया।

जानकारी के अनुसार सादलपुर थाने के सकतली के पूनम (19) पिता रतन बागरी की बेटमा के ओसरूद के कपिल से 15 अप्रैल को शादी होना थी। दोनों की सगाई हो चुकी थी लेकिन लॉकडाउन बढ़ता ही गया। इससे उनकी शादी पर कोरोना का ग्रहण लग गया। रविवार रात को ही सकतली गांव से पूनम बेटमा के लिए निकल गई। अलसुबह करीब 4 बजे वह पैदल ही जब नौगांव थाने के सामने से गुजरी तो चेकिंग पाइंट पर पुलिस ने उसे रोका तो उसने सारी कहानी बताई।

टीआई युवराज सिंह ने युवक की सच्चाई जानने के लिए युवक व युवती के परिजन को फोन कर बुलाया। दो-दो परिजन दोनों तरफ से पहुंचे। पुलिस ने चेकिंग पाइंट के पास लगे टेंट के नीचे शारीरिक दूरी का पालन करते हुए शादी करवाई। इसके बाद दूल्हा बाइक पर ही दूल्हन को लेकर अपने गांव के लिए रवाना हो गया।