कोरोना पीड़ित युवक शहर में घुमता रहा, अधिकारी रहें बेखर

गोरखपुर में शुक्रवार को चार नए कोरोना मरीजों की पुष्टिई। इसके बाद यहां पर कोरोना पीड़ितों की संख्या 14 पहुंच हो गई। इसमें से दो मरीज ठीक हो गये हैं। मौजूदा समय में गोरखपुर में 12 एक्टिव केस हैं। गोरखपुर में अभी तक जितने भी कोरोना के मरीज सामने आए हैं, वे सभी लोग दिल्ली- मुम्बई या अन्य राज्यों से प्रदेश में आए हैं। वहीं, कोरोना को लेकर प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आने लगी है। गोरखनाथ क्षेत्र के रसूलपुर के जिस युवक में कोरोना की पुष्टि हुई, वो व्यक्ति ट्रक से 9 मई को गोरखपुर पहुंचा था। सहजनवां में जांच के बाद वह अपनी बहन के घर चला गया। वहां पर कोई स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं आई।

वहीं, 12 मई की शाम को इसकी तबीयत खराब होने लगी। 13 मई को वह बिलंदपुर खंता के रहने वाले अपने चचेरे भाई के साथ बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचा, जहां पर फ्लू कॉर्नर में दवा देकर उसे घर भेज दिया गया। 14 मई को जब उसकी तबीयत फिर खराब हुई तो वो रसूलपुर के रहने वाले अपने चाचा के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचा तो वहां पर कोविड-19 की जांच के लिए सैंपल लिया गया।

इसके बाद इसको घर भेज दिया गया। साथ ही इसकी जानकारी अधिकारियों को भी नहीं दी गई।देर रात जब रिपोर्ट पॉजिटिव आयी तब आनन- फानन में युवक को उसके घर से लाकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यानि कि पॉजिटिव युवक नौ मई से लेकर 14 मई तक शहर में घूमता रहा और किसी को पता ही नहीं चला। खास बात यह है कि जब मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 की जांच के लिए सैंपल ले लिया था तब भी उसे नहीं रोका गया